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झारखंड: भाजपा ने चार सांसदों का टिकट काटा, अनदेखी करने के पीछे बताए जा रहे यह कारण

झारखंड: भाजपा ने चार सांसदों का टिकट काटा, अनदेखी करने के पीछे बताए जा रहे यह कारण
(रांची,गिरिडीह): झारखंड में भारतीय जनता पार्टी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में विजयी 12 में से चार सांसदों को इस बार टिकट नहीं दिया है। खूंटी के आठ बार सांसद रहे कड़िया मुंडा और रांची से पांच बार सांसद रहे रामटहल चौधरी को 75 वर्ष का उम्र पार कर जाने के कारण टिकट से वंचित कर दिया गया। वहीं गिरिडीह सीट को भाजपा ने ऐन मौके पर अप्रत्याशित रूप से सहयोगी दल आजसू पार्टी के लिए छोड़ दी, जबकि कोडरमा के सांसद डॉ. रवींद्र राय के टिकट कटने का आधार रिपोर्ट कार्ड और आंतरिक सर्वे बताया जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी की ओर से सैद्धांतिक रूप से 75 वर्ष से अधिक उम्र के नेताओं को टिकट नहीं देने का निर्णय लिया गया, इस कारण कड़िया मुंडा और रामटहल चौधरी दौड़ से बाहर हो गए, लेकिन रवींद्र पांडेय और रवींद्र राय जैसे नेताओं के टिकट कटने से यह बात भी सामने आती है कि झारखंड में रघुवर दास के नेतृत्व वाली चल रही एनडीए सरकार के कामकाज पर भी पिछले चार वर्ष के कार्यकाल के दौरान इन सभी ने कई बार सवाल खड़े किए थे।

पांच हजार से अधिक स्कूलों का विलय, पारा शिक्षकों की मांगों, सीएनटी-एसपीटी एक्ट, गैर मजरूआ भूमि की बंदोबस्ती रद्द करने समेत कई अन्य अवसरों पर इन सांसदों ने अपनी ही सरकार के कामकाज पर सवाल उठाया। इस दौरान कोडरमा के सांसद डॉ. रवींद्र राय कुछ मौके पर काफी मुखर भी आए, जबकि स्कूलों के विलय पर रोक लगाने को लेकर राज्य से निर्वाचित भाजपा के कई अन्य सांसदों ने भी पत्र लिखा था, इस कारण कुछ मौकों पर सरकार की किरकिरी भी हुई। वहीं कुछ मामले में दबाव में आकर सरकार को अपने कदम वापस भी खींचने पड़े। अब जब लोकसभा चुनाव में टिकट वितरण का वक्त आया, तो राज्य सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने वाले पार्टी के ही कुछ वरिष्ठ नेताओं को तरीके से किनारे की रणनीति पर काम शुरू हुआ। सबसे पहले कड़िया मुंडा का टिकट कटा। उन्होंने अपनी मजबूरी को समझते हुए ऐसे मौके पर चुप रहना ही बेहतर समझा, जबकि तालमेल में गिरिडीह सीट आजसू पार्टी के खाते में चले जाने के कारण रवींद्र पांडेय भी ज्यादा कुछ नहीं बोल पाए।

शनिवार को कोडरमा से रवींद्र राय का टिकट भी काटे जाने का सार्वजनिक ऐलान हुआ, तो उनकी ओर से भी पार्टी नेतृत्व के फैसले के खिलाफ कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की गई, लेकिन व्यग्यात्मक तरीके से रवींद्र राय ने घोषित प्रत्याशी अन्नपूर्णा देवी को बधाई जरूर दी। वहीं रांची के सांसद रामटहल चौधरी टिकट कटने से बागी हो चुके है और निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके है। हालांकि पार्टी नेतृत्व की ओर से उन्हें समझाने की कोशिश भी अब शुरू होने की संभावना है।

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